- ∩जागरण समाचार प्रतिनिधि
( अरविंद गोयल की खास रिपोर्ट)

सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगामी 19 मार्च से शुरू होने वाले ऐतिहासिक एवं पौराणिक माँ शाकम्भरी देवी चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर जनपद भ्रमण के दौरान एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पूरे मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाए ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड को पूरी सक्रियता के साथ तैनात किया जाए। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की काउंसलिंग की जाए ताकि वे श्रद्धालुओं के साथ शिष्टाचार और संवेदनशीलता से पेश आएं। परंपरा के विपरीत कार्य करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन-भागीदारी का विषय है। मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा।

कूड़ा निस्तारण के लिए डम्पिंग स्थल मेला क्षेत्र से दूर बनाया जाए।
पुरुषों और महिलाओं के लिए पर्याप्त और अलग-अलग शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। पार्किंग की दरें पहले से निर्धारित और साधारण रखी जाएं। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रसाद और भोजन की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए निरंतर जांच की जाए। मेले में चलने वाले ई-रिक्शा, ऑटो और दुकानदारों का उचित पुलिस सत्यापन किया जाए।

मेले के दौरान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एलईडी वाहनों, प्रदर्शनियों और होर्डिंग्स का उपयोग किया जाएगा चूंकि यह एक पौराणिक मेला है और यहाँ देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आते हैं, अतः व्यवस्थाएं ऐसी हों कि श्रद्धालुओं के बीच सरकार और प्रशासन का एक बेहतर संदेश जाए। बैठक में राज्यमंत्री जसवंत सैनी, ब्रजेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विभिन्न विधायकगण, एडीजी भानू भास्कर और मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
