रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। विदेश भेजकर नौकरी करने और बेहतर भविष्य का सपना देखने वाले युवाओं को ठगने वाले कबूतरबाजों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। ताजा मामला मंगलोर के नारसन कलां का है जहां एक युवक वर्क वीजा के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का शिकार हो गया है। पीड़ित युवक ने पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर न्याय और अपने पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। कर्ज के जाल में फंसे पीड़ित ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करने तक की चेतावनी दी है। मंगलौर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र की गुरुकुल नारसन पुलिस चौकी के ग्राम नारसन कलां निवासी अजय कुमार ने तहरीर देकर बताया कि करीब दो साल पहले उन्हें ‘ट्रू पर्पस इमिग्रेशन’ एजेंसी से फोन आया था। कॉल करने वालों ने उन्हें वर्क वीजा पर विदेश भेजने का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें एजेंसी के मुख्य कार्यालय सेकेंड फ्लोर, सेक्टर 9 सी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ में मिलने के लिए बुलाया गया। पीड़ित के अनुसार ऑफिस पहुंचने पर वहां मौजूद एजेंसी के कर्मचारी यतेन्द्र ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। वीजा और अन्य कागजी कार्रवाई के नाम पर उससे कुल 3 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली गई। इसमें से कुछ पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया और बाकी की रकम नकद के रूप में ली गई। अजय कुमार का आरोप है कि पैसे लेने के दो साल बाद भी न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही रकम वापस की गई। अब जब भी वह अपने पैसे वापस मांगते हैं तो आरोपी यतेन्द्र उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। आरोपी का कहना है कि न तो पैसे वापस मिलेंगे और अगर कहीं भी शिकायत की तो अंजाम भुगतना होगा पीड़ित अजय कुमार ने डीजीपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसने कर्ज लेकर रुपए दिए हैं कर्जदार परेशान कर रहे हैं और अब वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो चुका है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने चंडीगढ़ की इस कथित इमिग्रेशन एजेंसी और आरोपी यतेन्द्र के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
