रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। नगर में धार्मिक शोभायात्राओं के दौरान बजने वाले अनियंत्रित डीजे और उससे उत्पन्न वाले तीव्र कंपन ने अब जन आंदोलन का रूप ले लिया है। हिंदू जागरण मंच के नगर संयोजक आलोक शर्मा ने जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को एक शिकायती पत्र प्रेषित कर शोभायात्राओं में डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। शिकायती पत्र में आलोक शर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शोभायात्रा के नाम पर प्रशासन से अनुमति तो ली जाती है, लेकिन आयोजन के दौरान नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि डीजे से निकलने वाली ‘हाई डेसिबल’ ध्वनि तरंगों के कारण बाजार के दुकानदारों की दुकानों के शीशे चटक रहे हैं और बिल्डिंग्स में कंपन से माल का नुकसान हो रहा है। अत्यधिक शोर के कारण नगर के बुजुर्गों, हृदय रोगियों और नन्हे बच्चों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। आलोक शर्मा ने पत्र में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वर्तमान में शोभायात्राएं अपने मूल धार्मिक उद्देश्यों और मर्यादाओं से भटक गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शोभायात्राओं के संचालन के दौरान फूहड़ता, अश्लीलता और शराबखोरी जैसे कृत्य परोसे जा रहे हैं, जो सनातनी हिंदू समाज की मूल भावनाओं के विरुद्ध हैं। भक्ति के नाम पर मचाया जा रहा यह शोर अब आम नागरिक के लिए जान-माल का खतरा बन चुका है। हिंदू जागरण मंच ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि भविष्य में जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय से मिलने वाली किसी भी शोभायात्रा की अनुमति में डीजे बजाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। नगर संयोजक ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर विषय पर संज्ञान नहीं लिया गया तो व्यापारियों और आम जनता को हो रहे इस नुकसान के विरुद्ध आवाज और बुलंद की जाएगी।
