रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को परम पूज्य आर्यिका 105 श्री सरस्वती माता जी का ससंघ भव्य मंगल आगमन हुआ। माता जी का यह विहार धर्म नगरी हरिद्वार से दक्षिण भारत की ओर गतिमान है। मंगलौर आगमन पर स्थानीय जैन समाज ने पूज्य माता जी का जोरदार स्वागत किया।
मंगलौर प्रवास के दौरान आयोजित धर्मसभा में माता जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म की राह पर चलने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता धर्म के मार्ग को अपनाने और आत्म-कल्याण में है। सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ही सच्चे सुख की प्राप्ति की जा सकती है।
धर्मसभा के दौरान माता जी ने साधु-संतों के पदयात्रा के समय होने वालीअसुविधाओं और सुरक्षा को लेकर भी समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और व्यस्त सड़कों पर परिवहन के दौरान संतों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए जैन समाज को आगे आकर शासन-प्रशासन के साथ तालमेल बिठाना चाहिए। विहार के समय यातायात व्यवस्था सुचारू रहे इसके लिए प्रशासन को समय पर लिखित सूचना देकर सहयोग लेना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। माता जी के संघ के आगमन पर राजेश जैन, गौरव जैन, श्रेयांश जैन, शशांक जैन और प्रशाल जैन ने मुख्य भूमिका निभाते हुए भव्य अगवानी की। माता जी की पावन आहार चर्या कुणाल जैन के आर.के. फार्म हाउस में जैन समाज के सहयोग से विधि-विधान पूर्वक संपन्न हुई जहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहार देकर पुण्य लाभ कमाया। इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान और विहार व्यवस्था में जैन समाज की कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।
