रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। परम पूज्य अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी महामुनिराज की शिष्या आर्यिका मां विजितनंदनी माता जी का सोमवार की सायं काल में श्री दिगंबर जैन मंदिर मंगलौर में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मंगल प्रवेश हुआ। हरिद्वार की ओर से दिल्ली की ओर विहार कर रहीं माता जी के आगमन पर पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। कोर यूनिवर्सिटी से मंगलौर के लिए हुए इस विहार में कोर कॉलेज के शास्त्री अरविंद कुमार ने अपनी भूमिका निभाई। मंगलौर आगमन पर माता जी का रात्रि प्रवास जैन अतिथि भवन में हुआ। वर्तमान में ब्रह्मचारी आयुषी दीदी भी माता जी के संघ में साथ विहार कर रही है। मंगलौर पहुंचने पर माता जी ने श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान मंगलौर वाले बाबा श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान की अतिप्राचीन प्रतिमा के दर्शन कर वंदना की। इसके पश्चात सायं काल में माता जी के पावन सानिध्य में भव्य गुरु भक्ति का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जन किया। इस अवसर पर माता जी ने अपने मंगल प्रवचनों में शासन और प्रशासन का ध्यान सड़क सुरक्षा की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि संत और मनीषी भारतीय संस्कृति का एक विशेष हिस्सा हैं। इन्हीं के त्याग और तपस्या से देश और देश की संस्कृति अक्षुण्ण बनी हुई है। ऐसे में सरकार का यह परम दायित्व है कि संतों को विहार के दौरान पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं में हो रही संतों की अपूरणीय क्षति अत्यंत चिंताजनक और अनुचित है। माता जी के मंगलौर आगमन और विहार के दौरान जैन समाज के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। अगवानी करने और व्यवस्थाएं संभालने वालों में मुख्य रूप से अनुज जैन, श्रेयांश जैन, गौरव जैन, राजेश जैन, किशु जैन सहित समस्त दिगंबर जैन समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
