रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। मोहल्ला खालसा में अवैध कच्ची व देसी शराब के बढ़ते कारोबार के विरोध में स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को क्षेत्र की भारी संख्या में महिलाएं लामबंद होकर कोतवाली पहुंचीं और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कोतवाली प्रभारीसे मुलाक़ात कर अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिलाओं का साफ कहना है कि शराब के इस अवैध धंधे के कारण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से दूषित हो चुका है।
सोमवार के दोपहर मोहल्ला खालसा की महिलाएं रविदास मंदिर के पास इकट्ठा होकर कोतवाली परिसर में पहुंची महिलाओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मोहल्ले में लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कच्ची और देसी शराब बनाने व बेचने का धंधा धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। सुबह होते ही शराबियों और शराब तस्करों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।महिलाओं का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में लिप्त युवक और शराब के नशे में धुत असामाजिक तत्व आए दिन स्थानीयमहिलाओं, युवतियों और राहगीरों के साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करते हैं। विरोध करने पर ये लोग मारपीट और अंजाम भुगतने की धमकी देते हैं जिससे अब महिलाओं का घर से अकेले निकलना भी दूभर हो गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध काले कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया गया और आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया तो वे चुप नहीं बैठेंगी। महिलाओं ने कहा कि न्याय न मिलने की सूरत में आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को शांत कराया और उचित कदम उठाने का भरोसा दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में जल्द ही विशेष टीम भेजकर छापेमारी की जाएगी। अवैध शराब के धंधे को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और हुड़दंग व अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संतोष देवी, रेखा राजबाला, बबीता, कमलेश, सुनीता, पूनम, और माया सहित मोहल्ले की दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं।
