रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर: ग्राम लिब्बरहेड़ी स्थित उत्तम शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह लांबा द्वारा मिल छोड़ने (अन्य समूह में जाने) की सूचना से क्षेत्र के किसानों में मायूसी छा गई। इस खबर के मिलते ही भारी संख्या में क्षेत्र के किसान मिल परिसर में एकत्र हो गए। किसानों ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष के साथ बिताए पिछले 12 वर्षों के खट्टे-मीठे अनुभवों को याद किया और मिल की उन्नति में उनके योगदान को सराहा। और 12 वर्षों के सफर और उन्नति को साझा किया।
मिल परिसर में आयोजित एक अनौपचारिक विदाई कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लोकेंद्र सिंह लांबा के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया। किसानों का कहना था कि पिछले 12 वर्षों में लांबा ने न केवल मिल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि किसानों के सुख-दुख में भी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। उनके कुशल प्रबंधन के कारण ही मिल की ओर से दो डिसलेरी प्लांट और एक पानी का प्लांट भी लगाया गया। लोकेंद्र सिंह लांबा की अथक प्रयासों से सीजन के दौरान किसानों को मिलने वाले भुगतान में देरी की व्यवस्था को समाप्त कर अब किसानों को एक सप्ताह में भुगतान की व्यवस्था की गई है जिस कारण से उनके और किसानों के बीच हमेशा बेहतर समन्वय बना रहा। लोकेंद्र सिंह लांबा का जाना किसानों लिए एक पारिवारिक सदस्य के बिछड़ने जैसा है। पिछले 12 सालों में उन्होंने मिल की प्रगति के साथ-साथ हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा। मिल परिसर पहुंचे किसानों ने भावुक मन से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान चौधरी अरुण खेडाजट, राजीव कुमार पूर्व प्रमुख, विजय कुमार प्रधान मखदुमपुर, बालेंद्र त्यागी सदोली, राजेंद्र सिंह शेरपुर खेलमऊ, वीरेंद्र प्रधान, राजेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, विपिन चौधरी, रमेश प्रधान, सतबीर सिंह, राकेश लोहान, भारत वीर, कंवरपाल, धीरेंद्र राठी, राजेंद्र सिंह आदि किसानो के अलावा मिल् के अधिकारी भी मौजूद रहे।
