रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा विश्व प्रसिद्ध 1008 श्री श्रेयांसनाथ भगवान मंगलौर वाले बाबा का मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत धूमधाम व श्रद्धाभाव से मनाया गया। इस अवसर पर समाज ने इसे श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के रूप में आयोजित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर के मुख्य मार्गों से बैंड-बाजे के साथ निकाली गई भव्य निर्वाण लाडू यात्रा से हुआ। जैन कीर्ति स्तंभ से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। मंदिर में मुख्य निर्वाण लाडू समर्पित करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र बनकर अनुज जैन एवं नीतू जैन को प्राप्त हुआ। इसके उपरांत मंदिर में विशेष शांतिधारा का आयोजन किया गया जिसमें विश्व शांति, मुनियों व सर्व जीवों की रक्षा तथा नेपाल त्रासदी के निवारण की मंगल भावना की गई।श्रेयांस जैन ने बताया कि भगवान श्री श्रेयांसनाथ जी को सावन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन सम्मेद शिखर जी महान तीर्थ के संकुल टोंक से मोक्ष प्राप्त हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि आज ही के दिन 700 दिगंबर मुनियों की रक्षा हुई थी जिस कारण समस्त जैन समाज धर्म, मुनियों और तीर्थों की रक्षा का संकल्प लेते हुए एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधता है। निर्वाण लाडू अर्पण के बाद मंदिर में भव्य मंगल आरती की गई तथा निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज द्वारा निर्दिष्ट विधि से पूजन संपन्न कर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस जयवंत हो के गगनभेदी नारे लगाए गए। शांतिधारा व विशेष पूजन में सूरत, मुजफ्फरनगर, रुड़की, खतौली,गाजियाबाद, रामपुर मनिहारान, दिल्ली आदि स्थानो से भी जैन समाज के अनुयाई कार्यक्रम में भागीदारी करने के लिए पहुंचे। थी कार्यक्रम में सचिन जैन, सुभाष जैन, हंस कुमार, संजीव जैन, सुनील जैन, डिंपल जैन, गौरव जैन, सत्येंद्र जैन, रीता जैन, सरिता जैन, पंकज, अमित, धीरेंद्र जैन, नीरज जैन , मोहित, मेघा जैन, सुशील जैन, शशांक जैन, अमित, रुचि, अरिहंत जैन, रश्मि जैन, संगीता, राजेश जैन, नेम चंद, अरविंद जैन, नीरा जैन, सुनील जैन, उमा, संभव जैन, पंकज जैन, पूनम जैन, मंजू जैन, कुणाल जैन, राजकुमार, अखिल, पूजा, पालिका सभासद विपिन जैन, नीरा, प्रणव, अनुपम, दीप्ति व अजय ने विशेष सहयोग दिया। समाज की कार्यकर्ता समिति के साथ श्रेयांस, पंकज, विकास, राजेश, नमन, सिद्धार्थ, छोटू, लावी, किंशू, सम्यक, अरिहंत, प्रक्षाल, उत्कर्ष, पूनम, साक्षी, यांशी, पलक, पूजा, ऋतु, प्रेरणा, ईरा, अदिति, सारिका, रश्मि, तान्या, शिप्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
