रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
रुड़की। साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले में झूला ग्राउंड में बाइक खड़ी करने को लेकर एक युवक और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिसकर्मी युवक की बाइक में जबरन दूसरी चाबी लगाने लगा। युवक के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इससे मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित युवक शाहरुख का कहना है कि उसने झूला ग्राउंड में झूला ठेकेदार की अनुमति लेकर और निर्धारित पैसे देकर गन्ने की चरखी लगा रखी थी। उसने बताया कि चरखी के एक तरफ अपनी बाइक खड़ी कर रखी थी। इसी दौरान मेले की ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी उसकी बाइक में जबरन दूसरी चाबी लगाने लगा। विरोध करने पर पुलिसकर्मी ने उसके साथ कथित तौर पर हाथापाई की और डंडे से मारपीट की। शाहरुख के मुताबिक, मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने पुलिसकर्मी की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए बाइक जबरन ले जाने का विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन युवकों को भी धक्का मुक्की शुरू कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मेले में मौजूद जायरीनों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस की जिम्मेदारी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होती है। ऐसे में बाइक खड़ी करने जैसे विवाद में कथित मारपीट और लाठी-डंडों के इस्तेमाल के आरोप ने मेले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इस संबध भगवानपुर सीओ सुमित पांडे से जानकारी करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, मामले में पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराए जाने और यह स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है कि विवाद के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने नियमों के तहत कार्रवाई की थी या स्थिति को संभालने के बजाय बल प्रयोग किया।
