रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में नाबालिग लड़की से विवाह करने और उसके चार माह की गर्भवती होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिविल अस्पताल रुड़की में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस ने इस संबंध में जांच तेज कर दी है। युवती के आधार कार्ड के अनुसार उसकी उम्र मात्र 14 वर्ष पाई गई है, जबकि ससुराल पक्ष उसे बालिग बता रहा है। जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी निवासी युवक जितेंद्र का विवाह नवंबर 2025 में कोतवाली क्षेत्र के ही एक अन्य गांव निवासी युवती से हुआ था वर्तमान में युवती चार माह की गर्भवती है। 23 मई को जितेंद्र अपनी पत्नी को स्वास्थ्य परीक्षण और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सिविल अस्पताल रुड़की लेकर पहुंचा था।
अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने जब युवती का आधार कार्ड देखा, तो उसमें उसकी जन्मतिथि 01 जनवरी 2012 अंकित मिली। इसके आधार पर युवती की उम्र मात्र 14 वर्ष निकल कर आई। डॉक्टर ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस के आने की भनक लगते ही भयभीत पति-पत्नी डॉक्टर को बिना बताए चुपचाप अस्पताल से निकलकर अपने गांव वापस आ गए। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मंगलौर थाने की उपनिरीक्षक महिला अपर उपनिरीक्षक पुलिस टीम के साथ जितेंद्र के घर पहुंचीं। पुलिस ने जब युवती के जन्म प्रमाण पत्र और उम्र से जुड़े दस्तावेजों की मांग की तो परिजनों द्वारा आधार कार्ड के अलावा कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। युवती के पति और ससुर का दावा है कि उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और वह बालिग है। हालांकि जब पुलिस टीम ने युवती के पिता से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी बेटी कभी स्कूल नहीं गई जिसके चलते उसका कोई जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का दस्तावेज नहीं बनवाया जा सका। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया आधार कार्ड में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक युवती नाबालिग प्रतीत हो रही है जबकि शारीरिक रूप से भी वयस्क प्रतीत हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की और से उपनिरीक्षक राकेश डिमरी द्वारा जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर नहीं बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
