रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। एनीमिया मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद मंगलौर शाखा द्वारा एक विशेष कार्य शाला का आयोजन किया गया। ग्राम पीरपुरा रोड स्थित एपीस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित इस कार्यशाला में महिला श्रमिकों को एनीमिया के लक्षण, कारण और इससे बचाव के उपायों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।

गुरुवार को भारत विकास परिषद की ओर से पीस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मे कार्यरत महिला श्रमिकों को एनीमिया की जानकारी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें डॉक्टर अंकुश बंसल ने बताया कि शरीर में लाल रक्त कणिकाओं और हीमोग्लोबिन की कमी होना एनीमिया का मुख्य कारण है। इसके प्रमुख लक्षणों को बताते हुए कहा कि सांस फूलना, त्वचा का रंग सफेद या पीला पड़ना,लगातार थकान महसूस होना, नींद न आना और स्वभाव में चिड़चिड़ापन होना मुख्य कारण है। डॉक्टर शिल्पी खन्ना ने बताया कि रक्त निर्माण के लिए शरीर को आयरन, प्रोटीन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी, जिंक और विटामिन सी जैसे आवश्यक घटकों की जरूरत होती है। भोजन में इनकी कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। महिला श्रमिकों को दैनिक आहार में सुधार करने की सलाह दी। एनीमिया से बचाव के लिए उन्होंने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, शलजम, पपीता, अमरूद और अंगूर, सूखे मेवे व खजूर, किशमिश, बादाम, मशरूम, सोयाबीन, चना, अंकुरित दालें और दूध आदि लेने की सलाह दी। इसके अलावा बचाव के लिए धूम्रपान से दूरी बनाने, व्यक्तिगत व आस-पास की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला के दौरान चिकित्सकों ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि विशेषकर 9 से 14 वर्ष तक की किशोरियों को एनीमिया व अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। यह टीका उन्हें भविष्य में होने वाली कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस अवसर पर इंडिया कंपनी की ओर से प्रवीण शर्मा, अंजू त्यागी, जसपाल सिंह के अलावा भारत विकास परिषद की ओर से वंदना अग्रवाल, प्रवीण सब्बरवाल आदि मौजूद रहे।
