रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। कस्बा लण्ढौरा के मोहल्ला हजरत बिलाल निवासी एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जबरन गर्भपात के प्रयास का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसपी देहात रुड़की को शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि ससुरालियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पहले समझौता किया और मुकदमे वापस होते ही दोबारा प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया। एसपी देहात पुलिस को दी तहरीर में कस्बा लंढोरा निवासी सीमा ने बताया कि उसका निकाह मार्च 2024 में मोहल्ला पठानपुरा चौक निवासी साकिर के साथ हुआ था। शादी में मायके वालों ने करीब 17 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि रुखसती के कुछ समय बाद ही पति साकिर, सास गुलशाना और ससुर इस्लाख ने कम दहेज का ताना देते हुए मायके से 10 लाख रुपये नकद और क्रेटा कार लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि मई 2025 में उसके गर्भवती होने पर ससुरालियों ने मांग पूरी न होने तक बच्चा पैदा न होने देने की धमकी दी। डॉक्टर द्वारा बेड रेस्ट की सलाह के बावजूद उससे भारी काम कराया गया। जून 2025 में मारपीट और धक्का देने के बाद पीड़िता के पेट पल रहे बच्चे को डॉक्टर ने किसी तरह से बचाया। सितंबर 2025 में प्रताड़ित कर उसे घर से निकाल दिया गया।
लगातार उत्पीड़न के बाद पीड़िता ने मंगलौर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद ससुराल पक्ष ने पंचायत बुलाकर माफी मांगी और दोबारा दहेज न मांगने की कसम खाई। गृहस्थी बचाने के लिए पीड़िता ससुराल लौट गई और आरोपियों ने साजिश के तहत पूर्व के मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। बीती 23 फरवरी 2026 को आरोपियों ने 10 लाख रुपये और कार की मांग को लेकर उसे बेरहमी से पीटा। यही नहीं आरोपियों ने उसके पर्स से 20 हजार रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए और उसे बच्चे समेत घर से बाहर खदेड़ दिया। मंगलौर पुलिस ने एसपी देहात के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
