रिपोर्ट- जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर जैन मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व को जिनवाणी दिवस के रूप में भक्ति भाव से मनाया गया
मंगलौर। दिगम्बर जैन समाज के पवित्र मंदिर श्री श्रेयांसनाथ भगवान (मंगलौर वाले बाबा) के चरणों में भक्तों द्वारा भक्तिभाव से श्रुत पंचमी महापर्व का आयोजन मनाया गया ।
भगवान पारसनाथ के चरणों में शांतिधारा कर विश्च शांति की कामना की , शांतिधारा करवाने में श्री हंस जैन संजीव जैन पंकज जैन सुभाष जैन अमित जैन सचिन जैन गौरव जैन कुणाल जैन सुशील जैन अनुज जैन परिवारो ने अपनी विशेष भूमिका निभाई।
विहार कर रही आर्यिका आनंद मति माता जी के विहार के समय हुए दुर्घटना में क्षति के स्वस्थ की कामना ।
मुनि विशाल सागर जी का अवतरण दिवस मनाया गया ।
शांतिधारा के बाद सबसे मुख्य जैन संस्कृति के महान मुनि श्री 108 सुधा सागर जी की प्रेरणा से सभी कार्यकम करे और मृदुमति माता जी द्वारा रचित श्रुत पंचमी विधान किया गया ।
जिनवाणी दिवस पर जैन धर्म की गाथाओं और बातों को जन जन तक पहुंचने के लिए संकल्प लिए गये ।
पूज्य सुधा सागर जी महाराज जी द्वारा जिनवाणी दिवस के लिए सभी को प्रेरित किया गया और 2000 से भी अधिक प्राचीन ग्रंथ श्री षट्खण्डागम (Shatkhandagama) दिगंबर जैन संप्रदाय का सर्वोच्च और सबसे प्राचीन मूल सिद्धांत ग्रंथ है
जो आचार्य श्री धरसेनाचार्य जी के परम शिष्य आचार्य पुष्पदंत और आचार्य भूतबलि जी महाराज जी द्वारा रचना की जैन ग्रंथों की लिपिबद्ध करने की परंपरा शुरू की थी ।
समाज द्वारा महान आचार्यों की पूजन की और महान ग्रंथों की भी पूजन अर्चना की ।
कार्यक्रम में कार्यकारणी समिति सहित अजय जैन, राजेश जैन, श्रेयांश जैन, नमन जैन, अर्णव जैन, गौरव जैन, पंकज जैन, सारिका जैन, रश्मि जैन, साक्षी जैन, अक्षिता जैन उपस्थित रहे।
