रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा बिजली घर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को धरने के बीच पहुंचे विभागीय अधिशासी अभियंता ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण का आश्वासन दिया। हालांकि लिखित में ठोस समाधान न मिलने तक किसानों ने धरना समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया।
धरना स्थल पर उपस्थित किसान नेताओं ने विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती, नलकूपों के लिए पर्याप्त वोल्टेज न मिलने और खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने से खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान लगातार इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं लेकिन केवल खोखले आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। तीसरे दिन अधिशासी अभियंता (टाउन) अनूप सैनी टीम के साथ किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। किसानों द्वारा स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाने विजिलेंस द्वारा मारे गए छापो को वापस लेने और बिलों में त्रुटि को तुरंत ठीक कर जाने की मुख्य मांग अधिशासी अभियंता के सामने रखी। अधिशासी अभियंता अनूप सैनी ने जल्द से जल्द समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण का भरोसा दिया। इसके बावजूद किसान नेताओं मै धरना समाप्त करने को लेकर राय नहीं बन सकी और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक धरना जारी रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक विद्युत आपूर्ति में सुधार और अन्य समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान नहीं होता धरना अनवरत जारी रहेगा। इस दौरान संजय चौधरी, रवि कुमार, विजय शास्त्री, हरेंद्र, राजेंद्र, शिवम चौधरी, अनुज चौधरी आदि बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और क्षेत्रीय किसान बिजली घर परिसर में डटे रहे।
