रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। जैन समाज द्वारा 22वें तीर्थंकर देवाधिदेव 108 श्री नेमिनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव, हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में भक्तों द्वारा भगवान के चरणों में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया तथा विशेष शांतिधारा का आयोजन किया गया।
महोत्सव के दौरान आयोजित शांतिधारा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने गिरनार जैन तीर्थ क्षेत्र की 11,000 सीढ़ियों की कठिन यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की भगवान से मंगल कामना की। जैन धर्म मान्यताओं के अनुसार श्री दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र गिरनार का सबसे ऊंचा शिखर वह परम पवित्र स्थान है जहां से भगवान नेमिनाथ जी ने मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया था। यह पर्व जैन समाज के लिए दीपावली के समान ही अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस दिन देशभर से लाखों श्रद्धालु गिरनार यात्रा पर जाकर प्रभु के चरणों में निर्वाण लाडू अर्पित कर मंगल आरती करते हैं।
मंगलौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूरा मंदिर परिसर जय गिरनार, जय नेमिनाथ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात भव्य मंगल आरती की गई जिसका सौभाग्य पूनम जैन और प्रेरणा जैन को प्राप्त हुआ। निर्वाण कल्याणक दिवस के इस धार्मिक आयोजन में जैन समाज की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों सहित अनुज जैन, श्रेयांस जैन एडवोकेट, पंकज जैन, चिराग जैन, मंजू जैन, साक्षी जैन, यांशी जैन, ऋतु जैन, अमित जैन, प्रक्षाल, गौरव जैन, ईरा जैन, अखिल, सम्यक और शशांक जैन सहित बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।
