रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर: केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों और किसानों के लगातार हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने हुंकार भरी है। क्षेत्र के थिथकी गांव में आयोजित भाकियू की एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के विस्तार और उसकी मजबूती पर गहन मंथन किया गया। इस दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों के हितों में जल्द उचित निर्णय नहीं लिए तो एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
रविवार को आयोजित इस बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की उपेक्षा के कारण आज किसान बदहाली के दौर से गुजर रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलना, बढ़ती लागत और कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
बैठक को संबोधित करते भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई को धार देने के लिए गांव-गांव जाकर संगठन का विस्तार किया जाएगा। युवाओं को भाकियू से जोड़कर आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि सरकार तक किसानों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जा सके। सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। यदि समय रहते किसान हित में उचित नीतियां और फैसले नहीं लिए गए, तो यूनियन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी बैठक के अंत में चेतावनी देते हुए किसान पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही किसानों की समस्याओं की एक सूची तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बावजूद यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर अजय रामपाल, अभिजीत, उपेंद्र कुमार, उमेश प्रधान, संजय चौहान, प्रमोद, नेहा सिह, सुरेंद्र सिंह, धर्मवीर सिह, सुरेंद्र सिंह, आदि किसान और भाकियू के स्थानीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
