रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। क्षेत्र के मोहल्ला पठानपुरा में आपसी रंजिश के चलते दबंगों द्वारा एक गर्भवती महिला के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। मारपीट के कारण महिला का गर्भपात हो गया और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने न्यायालय मे प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद मंगलौर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, मोहल्ला पठानपुरा निवासी गुलफाम ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद और अहमद उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। बीते 10 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे गुलफाम की शादीशुदा पुत्री तैय्यबा जो करीब साढ़े चार माह की गर्भवती थी अपने मायके आई हुई थी। आरोप है कि विपक्षियों की पत्नियों ने जानबूझकर कूड़ा गुलफाम के आंगन में फेंक दिया। जब तैय्यबा ने इसका विरोध किया तो आरोपियों की पत्नियों ने उसे धमकी दी। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद और अहमद लाठी-डंडों से लैस होकर पीड़ित के घर की छत से कूदकर अंदर घुस आए।
पीड़ित का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने घर में घुसते ही गर्भवती तैय्यबा के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आई उसकी मां नसरीन और बहन अफसा को भी पीटा गया। दबंगों ने जानबूझकर तैय्यबा के पेट पर लात-घूंसों से कई वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गई। शोर शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह पीड़ित परिवार की जान बचाई जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
घटना के समय गुलफाम घर पर मौजूद नहीं था। सूचना मिलने पर जब वे घर पहुंचे तो पुत्री की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला की जान तो बचा ली लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण पेट में पल रहे बच्चे को नहीं बचाया जा सका और मृत बच्चा पैदा हुआ। पीड़ित गुलफाम का कहना है कि वे इस गंभीर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली मंगलौर गए थे लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी।आखिरकार थक-हारकर पीड़ित ने प्रार्थना पत्र न्यायलय मे दाखिल किया। न्यायालय ने मंगलौर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश जारी किए। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
