रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर: ग्राम पंचायत पीरपुरा में विकास कार्यों एवं मनरेगा योजना में हुई धांधली की शिकायत करना और आरटीआई मांगना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। पुरानी रंजिश और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हुए ग्राम प्रधान पक्ष के दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडे, सरिए और धारदार हथियारों से लैस होकर शिकायतकर्ताओं एवं उनके परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी गई तहरीर में ग्राम पीरपुरा निवासी अफजाल ने बताया कि गांव के ही राशिद,अकदस, अकिल, तौकिर आदि ने ग्राम पंचायत पीरपुरा के विकास कार्यों में हुई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर डीएम हरिद्वार, सीडीओ, एसडीएम रुड़की सहित सीएम हेल्पलाइन व पंचायती राज मंत्री से शिकायत की थी। साथ ही मनरेगा लोकपाल हरिद्वार के समक्ष भी मामला विचाराधीन है। आरोप है कि बीते 6 जुलाई को जब शिकायतकर्ता लोकपाल कार्यालय सुनवाई में पहुंचे थे तब भी प्रधान पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर मारपीट की थी जिसका मुकदमा थाना सिडकुल में दर्ज है। इसी रंजिश के चलते 31 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे जब परवेज बाइक से अपने घर जा रहा था तभी अलीजान की दुकान के पास ग्राम प्रधान मुजफ्फर, उसके भाई इंतजार, अलीजान,फैजान, हिफाजत, नदीम, सुहैल, समी, रिहान, जाहिद, नौशाद, नईम, हारून, नावेद, इरफान, उस्मान, दाउद, रहमान और शहबान आदि ने उसे घेर लिया। आरोपियों नेधारदार हथियार व लाठी-डंडों से परवेज पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही जब परवेज के ताऊ रियासत और चचेरा भाई अकदस मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने बलबीर के घर के सामने उन्हें भी घेर लिया। इस दौरान आरोपी इंतजार ने अकदस की गर्दन पर तबल से वार किया जिसे हाथ से रोकने पर उसकी अंगुली कट गई। वहीं आरोपी हिफाजत ने रियासत पर पाटल से ताबड़तोड़ वार कर दिए जिससे उनके सिर, आंख, गर्दन और गाल पर गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने किसी तरह घायलों की जान बचाई। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस व एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंगलौर ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। मंगलौर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है बता दे की दो दिन पहले ग्राम प्रधान मुजफ्फर की ओर से 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
