रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। ग्रामीण से आर्थिक प्रोत्साहन राशि पास कराने के एवज में 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने पीड़ित ग्रामीण को शासन से मिली आर्थिक मदद में से 50 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। विजिलेंस की इस त्वरित कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुंडियाकी निवासी जोगिंदर को शासन की ओर से आर्थिक प्रोत्साहन राशि एक लाख बारह हजार रूपये स्वीकृत हुई थी।

आरोप है कि नारसन ब्लॉक में तैनात क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप कुमार इस राशि को जारी करने के नाम पर जोगिंदर से 50 फीसदी कमीशन के रूप में मांग की गई थीं बार-बार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस टीम से की। शिकायत दर्ज होने के बाद विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच कराई। जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी अधिकारी को दबोचने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के अनुसार, मंगलवार को पीड़ित जैसे ही केमिकल लगे 35 हजार रुपये लेकर नारसन ब्लॉक स्थित कार्यालय पहुंचा और अधिकारी को पैसे सौंपे, तभी पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने कुलदीप कुमार को धर दबोचा। विजिलेंस की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। हाथ धुलवाने पर केमिकल के कारण उनका रंग लाल हो गया। जिससे आरोपी की संलिप्तता पूरी तरह साबित हो गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी कुलदीप कुमार को हिरासत में लेकर देहरादून ले गई है, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के संपत्ति और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
