रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा देवाधिदेव श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान (मंगलौर वाले बाबा) का निर्वाण कल्याणक दिवस आगामी 28 अगस्त (सावन शुक्ल पूर्णमासी) को अत्यंत भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन पर्व को निर्यापक मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज द्वारा “श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस” का नाम दिया गया है। गौरतलब है कि मंगलौर जैन मंदिर के मुख्य मूलनायक भगवान श्री श्रेयांसनाथ जी हैं, जो लगभग 700 वर्षों से यहाँ विराजमान हैं। इसी ऐतिहासिक दिन जैन इतिहास में 700 दिगंबर मुनियों के प्राणों की रक्षा हुई थी, जिससे इस तिथि का धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जैन समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि पर्व के अवसर पर प्रात:काल नगर में एक भव्य एवं विशाल ‘निर्वाण लाडू यात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा के पश्चात मंदिर जी में प्रभु की विशेष शांतिधारा का आयोजन होगा। तत्पश्चात 11 किलोग्राम का मुख्य निर्वाण लाडू भगवान श्रेयांसनाथ जी के चरण कमलों में समर्पित किया जाएगा।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास की विशेष व्यवस्था
भगवान श्रेयांसनाथ (मंगलौर वाले बाबा) के प्रति अपार श्रद्धा को देखते हुए इस पावन अवसर पर बाहरी क्षेत्रों व दूर-दराज के नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है। बाहर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा ठहरने, आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। जैन समाज ने नगर एवं आसपास के समस्त धर्मानुरागी बंधुओं से इस भव्य एवं पावन आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।
