रिपोर्ट👉 जागरण समाचार प्रतिनिधि
मंगलौर। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने एक खौफनाक और सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए कलयुगी पिता और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। शक के चलते पिता ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी ही 13 वर्षीय मासूम बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को गंगनहर में बहा दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। गंगनहर में पीड़िता के शव की तलाश जारी है।
चारित्रिक शक बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिता धनेश्वर उर्फ तोता को अपनी 13 वर्षीय बेटी पर किसी से बात करने का शक था। समझाने के बावजूद जब बेटी नहीं मानी, तो उसने खौफनाक कदम उठाने की साजिश रची। गत 27 जुलाई 2026 को आरोपी धनेश्वर अपने साथी आशीष उर्फ धोल्ला के साथ बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर माता मंदिर के पास पुल पर ले गया। वहां उसने अपनी कमीज से बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने की नीयत से शव को नहर में फेंक कर फरार हो गए।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
मामला तब उजागर हुआ जब मृतका की मां ने 21 अगस्त 2026 को कोतवाली मंगलौर में अपने पति धनेश्वर और उसके साथी आशीष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मां का आरोप था कि आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को घर से ले गए और वापस नहीं लाए, तथा पूछताछ करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सुरागकशी के बाद गिरफ्तारी और बरामदगी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी धनेश्वर के पास से एक 315 बोर का तमंचा और हत्या के समय इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। आरोपी धनेश्वर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर मंगलौर व रुड़की कोतवाली में शस्त्र अधिनियम, चोरी और आबकारी अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त:
धनेश्वर उर्फ तोता पुत्र मांगेराम (मृतका का पिता)
आशीष उर्फ धोल्ला पुत्र सुनील (निवासी- ग्राम ब्रहमपुर जट्ट, थाना कोतवाली मंगलौर, हरिद्वार)
पुलिस टीम:
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर, वरिष्ठ उप-निरीक्षक सुखपाल सिंह, उप-निरीक्षक आनंद मेहरा, कांस्टेबल पंकज, सुधीर और मोहम्मद अजीज शामिल रहे।
